जीवन में जोश कैसे लाएं?

जीवन में जोश कैसे लाएं?

जीवन की प्रकृति ऐसी है, अगर आप बाहर गार्डन में जाएं और एक चींटी को पकड़ने की कोशिश करें बीएचयू की चिमटी जो यही पैदा हुई है यही पड़ी हुई है और शायद यही मर जाएगी वह बीएचयू खींची थी अगर आप उसे पकड़ना चाहे तो वह कहेगी मेरा जीवन भाड़ में गया मुझे मसल ना हो तो मैं संत क्या यह सच है वह खुद को बचाने के लिए सब कुछ करेगी उसके लिए उसका जीवन मूल्य बात है ना बहुत मूल्यवान है छोटा सा चीज है जिसे हम शायद देखे बिना शायद हम उस पर कदम रखते उसे देखे बिना दुर्भाग्य से लेकिन वह अपने जीवन को बहुत मूल्य देती देती है या नहीं उसमें जोश है लेकिन आप एक इंसान कम से कम इस ग्रह पर आप पर विकास का शिखर है कम से कम शारीरिक रूप से व्यवहार से जुड़ी चीजों के बारे में हमारे अंदर सवाल को सकते हैं लेकिन कम से कम शारीरिक रूप से हम धरती के सबसे विकसित जीव सबसे विकसित होने का मतलब यह है कि हमारे अंदर सबसे जटिल न्यूरोलॉजिकल सिस्टम और सबसे ऊंचे स्तर की दिमागी क्षमता है।

इसका मतलब है आप सोच सकते हैं आप याद रख सकते हैं आपने याददाश्त है आप बहुत जीवन तरीके से चीजों को याद रख सकते और आपकी कल्पना शक्ति शानदार है चीनती इतने जीवन तरीके से चीजों को याद नहीं रखते ना ही उसकी कल्पना इतनी शानदार है बस थोड़ी सी है लेकिन अपने जीवन को लेकर उसका मन सतर्क है क्योंकि जिन शैक्षिक प्रणालियों से आप बाल बिहार से गुजरते हैं। वह ऐसे हैं कि उनका संबंध हर चीज से है सिवाय आपके यह दूसरी चीज के बारे में कोई पर्यटन में पीएचडी है कोई बायोइंजीनियरिंग में पीएचडी कोई किसी और चीज में इसके बारे में कुछ नहीं यह कैसे काम करता है इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा एक इंसान इस तरह का काम करता है आपके शहर में काल भैरव मंदिर इसका मतलब यह है कि इंसान तीन समय में काम करता है वह अपनी यादों के गुणों के अनुसार जीता है आपकी यादें कितने गुणों से भरपूर हैं इससे यह तय होगा कि आप अभी क्या करेंगे और क्या नहीं करेंगे है कि नहीं तो याददाश्त महत्वपूर्ण है वर्तमान का अनुभव महत्वपूर्ण और आपके कल की कल्पना कितनी जीवंत है यह बहुत महत्वपूर्ण है फिलहाल समस्या यह है कि यह चीजें पूरी तरह से आपस में मिल गई क्योंकि अपनी शक्तियों को अनुशासित नहीं किया गया है बच्चों को ऐसा कुछ भी नहीं सिखाया गया अनुशासन का मतलब लोग सोचते हैं अंग्रेजी अनुशासन यानी बेवकूफ की तरह से चलना शक्तियों का अनुशासन नहीं है|

इस वजह से आपका अपना मन आपके खिलाफ हो गया है जो 10 साल पहले हुआ था आपको आज भी दुख देता है हेलो जो परसों हो सकता है वह अभी आपको दुख दे रहा है क्योंकि अपनी शक्तियों का अनुशासन नहीं है आप नहीं जानते कि अपनी याददाश्त का और कल्पना का इस्तेमाल कैसे करना है आपकी याददाश्त है आपकी कल्पना को दुख देती है और आपको लगता है कि आपका जीवन दुख नहीं दे रहा आप बस इंसान होने की दो सबसे महान शक्तियों से दुख पा रहे हैं। जीवंत यादव और शानदार कल्पना की शक्तियां है कि नहीं अगर आप अपनी सबसे महान शक्तियों से दुख पाते हैं तो हम आपकी क्या मदद कर सकते हैं अगर आप किसी बीमारी से तो पाते हैं तो समझा जा सकता है अगर आप अपनी विकलांगता से दुख पाते हैं तो समझा जा सकता है अगर आप अपनी क्षमता से दुख पाते हैं तो कोई उम्मीद नहीं है।

अगर आप अपने जीवन का किसी भी चीज में निवेश नहीं करते तो यह बेकार चला जाएगा जैसे कि मैंने आपको शुरुआत में बताया जीवन का एक बुनियादी हिस्सा है समय और यह बस चला जा रहा है मेरे यहां आने के बाद से अब तक आप अपनी कब्र के 2 घंटे पास पहुंच चुके हैं। आप अमर नहीं है यह बस एक सीमित समय की अवधि है क्या आप एक मूल्यवान जीवन है मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या आपका जीवन आपके लिए मूल्यवान है तो आप को यह तय करना चाहिए कि आप इस जीवन का निवेश कहां करना चाहते हैं अगर यह मूल्यवान है तो अगर यह मूल यकीन है तो इसे कहीं फेंक दीजिए अगर यह मूल्यवान है तो इसका निवेश किसी सार्थक चीज में कीजिए तो अगर आप इसका निवेश किसी सार्थक चीज में करते हैं तो सिर्फ जोश में ही नहीं आप हर समय प्रज्वलित रहेंगे।


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