क्या किसी को माफ करना जरूरी है?

क्या किसी को माफ करना जरूरी है?

देखिए मुझे आपको माफ करने की जरूरत कब पड़ती पहले मैं आपको किसी चीज के लिए दोषी ठहरा था फिर मैं आपको माफ करने की कोशिश करता इसकी क्या जरूरत है मैं दोषी ना मानकर बस आपको स्वीकार करूं आप जैसे हैं उसी रूप में तो माफ करने का सवाल ही कहां है यह बेवजह जीवन को जटिल बनाने की बात आती है लेकिन माफ करने की क्या जरूरत है सबसे पहले मुझे आप को दोषी ठहराना होगा आपको माफ करने के लिए मैं आप को दोषी नहीं मानता आपको अपने जीवन में जो करना है वह कीजिए क्योंकि आप अच्छे से यही जानते जानते तो बेहतर कर रहे हैं जोबेहतरीन जानते आपको अपने मन में दोषी मानकर फिर माफ करने की क्या जरूरत है?

इससे जीवन बेवजह जटिल बन जाएगा मैं किसी को माफ नहीं करता क्योंकि मैं किसी को दोषी नहीं मानता लेकिन आमतौर पर सभी इंसानों के लिए माफ करना मुश्किल होता है इसीलिए मैं कह रही हूं नहीं मैं कह रहा हूं माफ करने की जरूरत ही नहीं है अगर मैं आपको किसी चीज के लिए दोषी नहीं मानता तो आपको माफ करने का सवाल ही कहां है जब मैं आपको स्वीकार करता हूं आप जैसे भी तो माफी की जरूरत ही नहीं है नहीं मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कैसे हैं |

आप जैसे भी मेरे लिए ठीक है आप ऐसे ही हैं इंसान ऐसे ही होते हैं ठीक है तो लोग इस चीज में पढ़ते हैं क्योंकि वह लोगों से अवास्तविक उम्मीद रखते हैं क्योंकि उनकी उम्मीद है अवास्तविक में वह किसी को दोषी मान लेंगे अपने मन मैं और फिर एक दिन वह उन्हें माफ कर देंगे भगवान मत बनिए लोगों को स्वीकार कीजिए जैसे आप खुद हैं आप एक परफेक्ट इंसान नहीं है इसी तरह आप के आस पास भी कोई परफेक्ट इंसान नहीं है |

उन्हें स्वीकार कीजिए अगर आप उनके साथ लेनदेन कर सकते हैं काम कर सकते हैं बिजनेस कर सकते हैं क्या रिश्ता रख सकते हैं तो ठीक है अगर आप नहीं कर सकते तो उन्हें अकेला छोड़ दीजिए। आप बेवजह अपने मन में जटिलता पैदा कर रहेहै और आपसे हमेशा संघर्ष करते रहेंगे क्योंकि एक बार जवाब किसी को अपने मन में दोषी मान लेंगे तो आप जितनी भी माफी की एक्टिंग कर ले या आपके मन से नहीं जाएगा। 


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